त्रियुगीनारायण मंदिर (Triyuginarayan Temple) देवभूमि उत्तराखंड का वह पवित्र स्थल है जहाँ स्वयं भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस अलौकिक विवाह में भगवान विष्णु ने माता पार्वती के भाई का फर्ज निभाया था और ब्रह्मा जी इस दिव्य विवाह के पुरोहित बने थे।
आज के समय में हर कोई अपनी शादी को यादगार और आध्यात्मिक बनाना चाहता है। यदि आप भी Triyuginarayan Temple Wedding की योजना बना रहे हैं, तो यह गाइड आपके लिए ही है। यहाँ हम आपको त्रियुगीनारायण में शादी कराने के स्टेप्स, विधि-विधान और बुकिंग से जुड़ी पूरी जानकारी देंगे।
त्रियुगीनारायण मंदिर में शादी कराने के स्टेप्स (Step-by-Step Guide)
त्रियुगीनारायण में शादी की प्रक्रिया बेहद सरल और व्यवस्थित है। आपको बस नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करना होता है:
1. तारीख का चयन और मुहूर्त (Date & Muhurat Selection)
सबसे पहले अपने कुल पुरोहित या पंडित जी से शादी का शुभ मुहूर्त निकलवाएं। त्रियुगीनारायण में साल भर शादियां होती हैं, लेकिन शुभ मुहूर्त के दिनों में यहाँ भीड़ अधिक होती है।
2. मंदिर समिति में रजिस्ट्रेशन (Mandir Samiti Registration)
मंदिर परिसर में प्रवेश करने के बाद आपको मंदिर समिति (Temple Committee) के पास रजिस्ट्रेशन करवाना होता है।
इसके लिए वर और वधू दोनों के आधार कार्ड/आईडी प्रूफ और पासपोर्ट साइज फोटो की आवश्यकता होती है।
समिति द्वारा एक निश्चित रसीद/शुल्क लिया जाता है, जिसके बाद आपको शादी की अनुमति मिलती है।
3. स्थानीय पंडित या पुरोहित से संपर्क (Booking Local Pandit)
मंदिर समिति के माध्यम से या स्थानीय स्तर पर आपको विवाह संपन्न कराने के लिए पंडित जी मिल जाते हैं। वे पूजा सामग्री और शादी की वेदी की व्यवस्था संभालते हैं।
4. स्टे और रहने की व्यवस्था (Homestay & Accommodation)
शादी में शामिल होने वाले रिश्तेदारों और मेहमानों के ठहरने के लिए आपको पहले से होमस्टे या होटल बुक कर लेना चाहिए।
देव दर्शन वेडिंग होमस्टे (Dev Darshan Wedding Homestay): मंदिर के पास ही स्थित हमारा होमस्टे आपके और आपके मेहमानों के लिए आरामदायक कमरे, घर जैसा स्वादिष्ट भोजन और शादी की तैयारियों में पूरी सहायता प्रदान करता है।
त्रियुगीनारायण में विवाह का विधि-विधान (Wedding Rituals & Traditions)
त्रियुगीनारायण में शादी सनातन वैदिक रीति-रिवाज से संपन्न होती है, जिसमें मुख्य आकर्षण निम्नलिखित हैं:
1. अखंड धूनी के फेरे (Seven Vows around Akhand Dhuni):
यहाँ की सबसे खास बात यह है कि जोड़े उसी अखंड अग्निकुंड (धूनी) के सामने 7 फेरे लेते हैं, जो त्रेता युग से शिव-पार्वती विवाह के समय से निरंतर जल रही है।
2. चार पवित्र कुंडों के दर्शन:
विवाह से पूर्व या बाद में दूल्हा-दुल्हन और परिवारजन मंदिर परिसर में स्थित चार कुंडों—रुद्र कुंड, विष्णु कुंड, ब्रह्मा कुंड और सरस्वती कुंड में आचमन कर आशीर्वाद लेते हैं।
3. विवाह शिला पूजन (Brahma Shila Puja):
मंदिर के सामने स्थित ब्रह्म शिला का पूजन किया जाता है, जहाँ ब्रह्मा जी ने शिव-पार्वती का विवाह संपन्न कराया था।
4. वैदिक मंत्रोचार एवं संकल्प:
स्थानीय पुरोहितों द्वारा वैदिक मंत्रों के साथ गणेश पूजन, वर्माला और गोदान/कन्यादान की रस्में पूरी कराई जाती हैं।
त्रियुगीनारायण में शादी के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें
प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र: मंदिर परिसर को स्वच्छ रखने के लिए प्लास्टिक का उपयोग न करें।
साधारण वस्त्र (Simple & Traditional Attire): पहाड़ी रीति-रिवाज और मंदिर की मर्यादा के अनुसार पारंपरिक परिधान पहनें।
एडवांस बुकिंग: वेडिंग सीजन (अप्रैल-जून और अक्टूबर-नवंबर) के दौरान होमस्टे और पंडित जी की बुकिंग कम से कम 1-2 महीने पहले कर लें।
त्रियुगीनारायण में रुकने के लिए सबसे अच्छा होमस्टे
यदि आप त्रियुगीनारायण में शादी की योजना बना रहे हैं और अपने परिवार व रिश्तेदारों के लिए एक बेहतरीन, शांत और स्वच्छ जगह तलाश रहे हैं, तो देव दर्शन वेडिंग होमस्टे (Dev Darshan Wedding Homestay) में आपका स्वागत है।
- 🏡 सुविधाएं: साफ-सुथरे कमरे, 24/7 गर्म पानी
- 📍 लोकेशन: त्रियुगीनारायण मंदिर के बिल्कुल समीप।
- 📞 शादी में सहायता: हम विवाह पंजीयन, पंडित जी की व्यवस्था और सजावट मार्गदर्शन में भी आपकी पूरी मदद करते हैं। संपर्क करें / बुकिंग हेतु:
नाम: देव दर्शन वेडिंग होमस्टे (Dev Darshan Wedding Homestay)
लोकेशन: त्रियुगीनारायण, रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड
मोबाइल नंबर: 9911378738, 9625035781









0 Comments