उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित त्रियुगीनारायण मंदिर (Triyuginarayan Temple) न केवल भगवान शिव और माता पार्वती के पावन विवाह स्थल के रूप में प्रसिद्ध है, बल्कि यह प्राकृतिक सुंदरता का भी एक अद्भुत केंद्र है।
यदि आप त्रियुगीनारायण मंदिर में दर्शन करने या शादी के सिलसिले में आ रहे हैं, तो मंदिर के दर्शन के साथ-साथ आप आसपास की कई खूबसूरत और धार्मिक जगहों का आनंद ले सकते हैं।
आइए जानते हैं त्रियुगीनारायण मंदिर के आसपास घूमने की सबसे बेहतरीन जगहों के बारे में:
1. सोनप्रयाग (Sonprayag) – नदियों का पवित्र संगम
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| credit-Priyansh Patidar |
त्रियुगीनारायण से केवल 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सोनप्रयाग एक बेहद पवित्र स्थान है। यहाँ बासुकी और मंदाकिनी नदियों का संगम होता है। केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए सोनप्रयाग एक मुख्य पड़ाव है। मान्यता है कि सोनप्रयाग के पवित्र जल में स्नान करने से पापों का नाश होता है।
दूरी: त्रियुगीनारायण से लगभग 12 किमी
खासियत: पवित्र नदी संगम और प्राकृतिक दृश्य
2. गौरीकुंड (Gaurikund) – माता पार्वती की तपोभूमि
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| credit-Rishab Garg |
दूरी: त्रियुगीनारायण से लगभग 17 किमी
खासियत: प्राकृतिक गर्म पानी का कुंड और गौरी माता मंदिर
3. गुप्तकाशी (Guptkashi) – विश्वनाथ मंदिर और मणिकर्णिका कुंड
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| Credit-Joshi Milestoner |
त्रियुगीनारायण यात्रा के दौरान गुप्तकाशी घूमना एक बेहतरीन अनुभव हो सकता है। यहाँ का काशी विश्वनाथ मंदिर और अर्धनारीश्वर मंदिर बेहद प्राचीन और दर्शनीय हैं। मंदिर प्रांगण में स्थित मणिकर्णिका कुंड में गंगा और यमुना की दो धाराएं निरंतर बहती हैं।
दूरी: त्रियुगीनारायण से लगभग 30 किमी
खासियत: प्राचीन विश्वनाथ मंदिर और मणिकर्णिका कुंड
4. वासुकी ताल (Vasuki Tal) – ट्रैकिंग और एडवेंचर के लिए
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| credit-(@tokeller) |
यदि आप ट्रैकिंग और प्रकृति प्रेमी हैं, तो त्रियुगीनारायण से वासुकी ताल का ट्रेक आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। लगभग 4,135 मीटर की ऊँचाई पर स्थित यह झील चारों ओर से बर्फ से ढके पहाड़ों से घिरी हुई है। इस ताल का पानी नीले रंग का और बेहद साफ दिखाई देता है।
खासियत: हाई-एल्टीट्यूड झील और शानदार ट्रैकिंग रूट
5. त्रियुगीनारायण के 4 पवित्र कुंड
मंदिर के ठीक पास ही 4 पवित्र जल कुंड स्थित हैं — विष्णु कुंड, ब्रह्म कुंड, रुद्र कुंड और सरस्वती कुंड। माना जाता है कि शिव-पार्वती विवाह के समय देवी-देवताओं ने इन कुंडों में स्नान किया था। मंदिर दर्शन के साथ-साथ इन कुंडों के दर्शन करना बहुत शुभ माना जाता है।
त्रियुगीनारायण में रुकने की सबसे अच्छी व्यवस्था (Where to Stay?)
त्रियुगीनारायण मंदिर के आसपास इन खूबसूरत जगहों को घूमने के लिए आपको 1 या 2 दिन ठहरने की ज़रूरत होगी। मंदिर से महज 1 मिनट की पैदल दूरी पर स्थित देव दर्शन होमस्टे (Dev Darshan Homestay) रुकने के लिए सबसे बेहतरीन और बजट-फ्रेंडली जगह है।
यहाँ आपको साफ-सुथरे रूम, गर्म पानी की सुविधा और घर जैसा स्वादिष्ट पहाड़ी खाना मिलता है।
कमरा बुक करने के लिए: हमारी वेबसाइट के Book Now पर जाएं और सीधे व्हाट्सएप पर बुकिंग कंफर्म करें।
निष्कर्ष (Conclusion)
त्रियुगीनारायण केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि यह शांति और प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत संगम है। अगली बार जब भी आप यहाँ आएँ, तो इन खूबसूरत जगहों पर घूमना न भूलें।
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